नहीं होगा अब AIIMS और JIPMER -NEET से होंगे सभी दाखिले

 

मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं (Medical Entrance Exams) की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए अच्छी खबर है. अब अलग-अलग मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के स्थान पर सिर्फ NEET की परीक्षा होगी. कैबिनेट बैठक में फैसले के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इसकी जानकारी दी. देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में अलग-अलग प्रवेश परीक्षा होती है लेकिन अब सिर्फ नीट की परीक्षा होगी जिसके आधार पर स्टूडेंट्स को एडमिशन मिलेगा.


नीट परीक्षा हर साल देश के विभिन्न शहरों में आयोजित की जाती है. यह परीक्षा देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में यूजी और पीजी कोर्सेज में एडमिशन के लिए आयोजित की जाती है हर साल लाखों स्टूडेंट्स इस परीक्षा में भाग लेते हैं. 

बता दें कि हाल ही में  केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने चिकित्सा क्षेत्र में स्नातकोत्तर में प्रवेश के लिए मेडिकल छात्रों को राहत देते हुए ‘नीट' (NEET) को खत्म करने का प्रस्ताव किया है और कहा है कि एमडी और एमएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एमबीबीएस की अंतिम वर्ष की परीक्षा ही काफी होगी. 

 

17 जुलाई (भाषा) केन्द्रीय कैबिनेट ने बुधवार को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) विधेयक को मंजूरी दे दी जिसका उद्देश्य भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम, 1956 की जगह लेना और चिकित्सकीय शिक्षा क्षेत्र में बड़े सुधार करना है। विधेयक को संसद के वर्तमान सत्र में पेश किया जाएगा। इसे दिसंबर 2017 में संसद में पेश किया गया था लेकिन यह 16वीं लोकसभा के भंग होने पर निष्प्रभावी हो गया था। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एनएमसी विधेयक में परास्नातक मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश और मरीजों के इलाज हेतु लाइसेंस हासिल करने के लिए एक संयुक्त अंतिम वर्ष एमबीबीएस परीक्षा (नेशनल एक्जिट टेस्ट ‘नेक्स्ट’) का प्रस्ताव दिया गया है। यह परीक्षा विदेशी मेडिकल स्नातकों के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट का भी काम करेगी। राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ के अलावा संयुक्त काउंसिलिंग और ‘नेक्स्ट’ भी देश में मेडिकल शिक्षा क्षेत्र में समान मानक स्थापित करने के लिए एम्स जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों पर लागू होंगे। एक सूत्र ने बताया, ‘‘नये एनएमसी विधेयक में किये संशोधन के अनुसार, पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश ‘नेक्स्ट’ परीक्षा के परिणामों के आधार पर होगा जिसे देशभर में संयुक्त परीक्षा के तौर पर आयोजित किया जाएगा। इसलिए उम्मीदवारों को पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एमबीबीएस अंतिम वर्ष पास करने के बाद अलग अलग परीक्षाओं में नहीं बैठना पड़ेगा।’’ विधेयक में चिकित्सकीय शिक्षा, पेशे और संस्थानों के सभी पहलुओं के विकास और नियमन के लिए भारतीय चिकित्सा परिषद की जगह राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के गठन की व्यवस्था की गई है। इसमें समिति को सलाह और सिफारिशें देने के लिए चिकित्सकीय सलाहकार परिषद के गठन की भी व्यवस्था की गई है।(यह आर्टिकल एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड हुआ है। इसे नवभारतटाइम्स.कॉम की टीम ने एडिट नहीं किया है।)

 

 

NMC Bill Updates 2 New Provisions :-Summary From the FB Post of Dr. Amit Gupta-NEET Expert

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●एनएमसी के नए विधेयक में दो अहम प्रावधान जोड़े गए हैं, जो पिछले विधेयक में नहीं थे। इनमें पहला #AIIMS सहित सभी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन को NEET के दायरे में लाने का है।

इसके तहत किसी भी मेडिकल कॉलेज में #NEET के अलावा किसी तरीके से अब एडमिशन नहीं हो सकेगा।

 

●इसके अलावा छात्रों के अब पीजी में एडमिशन के लिए अलग-अलग कॉलेजों की प्रवेश परीक्षा नहीं देनी होगी। इसके लिए एमबीबीएस की अंतिम वर्ष की परीक्षा को ही मानक बना दिया गया है।

 

●पूरे देश में #MBBS डाक्टरों की गुणवत्ता में समानता लाने के लिए अहम प्रावधान किया गया है। इसके तहत कॉलेजों की अलग-अलग परीक्षाओं को समाप्त कर दिया है। अब एमबीबीएस की अंतिम वर्ष की परीक्षा पूरे देश में #एक_समान और #एक_साथ आयोजित की जाएगी। इसे नेशनल एक्जिट टेस्ट #NEXT नाम दिया गया है।

 

●पीजी में एडमिशन के साथ-साथ नेक्स्ट एमबीबीएस डाक्टरों की प्रैक्टिस का रास्ता भी साफ कर देगा। इसके आधार पर उन्हें प्रैक्टिस का लाइसेंस मिल जाएगा। इसके पहले प्रैक्टिस के लिए MCI से इजाजत लेनी पड़ती थी।

 

●इसके अलावा NEXT से विदेशों से मेडिकल की पढ़कर आने वाले छात्रों के लिए अलग से परीक्षा आयोजित करने की जरूरत खत्म हो जाएगी। इसकी जगह विदेशों से पढ़कर आने वाले छात्रों को भारत में पढ़ रहे छात्रों के साथ ही NEXT की परीक्षा देनी होगी और इसे पास करने के बाद उनके लिए प्रैक्टिस के साथ-साथ PG में एडमिशन का रास्ता भी साफ हो जाएगा।

 

●इन दो बड़े बदलाव के अलावा #NMC Bill में बाकी पुराने प्रावधान ही रखे गए है। जिसके तहत अंडर ग्रेजुएट, पोस्ट-ग्रेजुएट, मेडिकल कॉलेजों की रेटिंग और रजिस्ट्रेशन के लिए अलग-अलग चार बोर्ड बनाए जाएंगे। यही बोर्ड मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और पीजी की सीटों की संख्या निर्धारित करेंगे और उनमें पढ़ाई की गुणवत्ता भी सुनिश्चित करेंगे।

 

NEET के नये प्रावधान पर विशेषज्ञों ने उठाये सवाल -जिनका उत्तर नहीं हैँ आसान 

 

 

 

 

 

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